जोधपुर में भतीजा 17 दिन बाद स्वस्थ हुआ, तो स्पेन में ताऊजी की कोरोना से मौत

तुर्की में एक शादी में एकत्र हुए जोधपुर के एक परिवार के कई लोग कोरोना की चपेट में आ गए। परिवार के हिमांशु उत्तमचंदानी जोधपुर में कोरोना के पहले संक्रमित थे। वे अब ठीक हो चुके हैं। लेकिन उनके ताऊजी माेहन उत्तचंदानी का स्पेन में निधन हाे गया। जाेधपुर में ही उनके भतीजे के साथ छाेटे भाई व भाभी भी कोरोना संक्रमित होकर आए थे। भाई-भाभी के रिपीट सैंपल अब निगेटिव आए हैं। अभी उन्हें  संक्रामक रोग संस्थान में रखा गया है। पढ़िए परिवार की आपबीती


स्पेन: डॉक्टर ने घर पर इलाज कराने को कहा, जब गंभीर स्थिति हुई तो एडमिट किया, लेकिन मौत हो गई 
71 वर्षीय मोहन उत्तमचंदानी 45 वर्षों से स्पेन की राजधानी मैड्रिड में रहते हैं। उनके छोटे भाई शंकर उत्तमचंदानी भी मैड्रिड में रहते हैं। उन्होंने बताया कि शादी से जब स्पेन लौटे तो स्क्रीनिंग नहीं हुई। 4-5 दिन बाद लक्षण दिखे, पर डॉक्टर ने घर पर ही रहने का कहा। तबियत बिगड़ती चली गई। आखिर 31 मार्च को प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। 6 अप्रैल को उन्होंने दम तोड़ दिया। स्पेन को मेडिकल सेवाओं में दुनिया में नंबर 1 माना जाता है। शंकर ने बताया कि स्पेन में लगातार आ रहे कोरोना संक्रमितों और मौतों ने सिस्टम को ध्वस्त कर दिया है। आईसीयू में सैकड़ों मरीजों को रखा जा रहा है। 


जाेधपुर: गले में खराश दिखाने अाए तो सैंपल लिया, पूरे परिवार काे एडमिट किया, सोमवार को डिस्चार्ज


तुर्की में शादी से ही हिमांशु, उनकी मम्मी, पत्नी, बेटी, चाचा व चाची भी लाैटे। एयरपाेर्ट पर जांच हुई, लेकिन लक्षण नहीं मिले। 2 दिन बाद गले में खराश हाेने पर 21 मार्च काे हाॅस्पिटल पहुंचे। उनका काेराेना टेस्ट करवाया गया। देर रात रिपाेर्ट पॉजिटिव आते ही पूरे परिवार, बाई एवं चाचा-चाची को घर से लाकर हॉस्पिटल में एडमिट किया। चाचा-चाची भी पॉजिटिव आए। बाकी सभी को आयुर्वेद विवि में क्वारेंटाइन किया। पूरे 17 दिन हिमांशु व चाचा-चाची का इलाज चला। कई टेस्ट हुए। सोमवार को हिमांशु को तो डिस्चार्ज कर दिया गया। चाचा-चाची को भी डिस्चार्ज किया जाएगा।