लेडीज प्रॉब्लम है दवा लेने जा रहा हूं...दादी वेंटिलेटर पर है देखने जा रहे हैं...

लॉकडाउन में जब पुलिस लोगों को रोकती है तो वे तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं। उनके बहाने भी ऐसे होते हैं कि पुलिस को एक तरफ हंसी आती है और दूसरी तरफ नियम तोड़ने पर गुस्सा भी। पुलिस बिना वजह घूमने वाले लोगों के चालान भी काट रही है। गाड़ियां भी सीज कर रही है। भास्कर ने पुलिस के साथ खड़े होकर जब रुकने वाले वाहन के चालकों के सवाल-जवाब सुने तो अजीबो गरीब जवाब सामने आए। पुलिस ने एक गाड़ी को रोका और पूछा कि कहां जा रहे हो? गाड़ी चला रहे युवक ने कहा डॉक्टर के पास जा रहा हूं। इस पर पुलिस ने पूछा क्या हुआ तो जवाब था, दवाई लेनी है, लेडीज प्रॉब्लम है। पुलिस ने पूछा कि लेडीज कहा हैं? तो जवाब मिला कि वो तो घर है। पुलिस ने कहा कि जब बीमार घर है तो आप जाकर क्या करेंगे। युवक ने जवाब दिया कि मैं तो दवाई लेकर आऊंगा। 


न गाड़ी के कागज न ही लाइसेंस, कहा- टिफिन देने गए थे
पुलिस ने एक गाड़ी रोकी। उसके आगे लिखा था- अध्यक्ष राष्ट्रीय मानव अधिकार परिषद। गाड़ी चला रहे सरवर अली को पूछा कि कहां जा रहे हो तो साथ में बैठे व्यक्ति ने कहा कि मेरी बेटी काे टिफिन देने आया था। पुलिस ने लाइसेंस, परमिशन व गाड़ी के कागज मांगे तो उनके पास एक भी कागज नहीं थे तो पुलिस ने गाड़ी जब्त कर ली और गाड़ी के कागज, लाइसेंस नहीं होने का चालान भी काटा। 


इनकी दादी सीरियस है, मिलवाने ले जा रहा हूं
पुलिस ने पूछा कहा जा रहे हो, जवाब मिला अस्पताल। पुलिस ने कहा- कहां है परमिशन। वाहन चालक ने कहा कि मेरे साथ मेरी पत्नी है। इनकी दादी अस्पताल में हैं और सीरियस होने से वेंटिलेटर पर हैं। डॉक्टर ने कहा है कि स्थिति नाजुक है। जिसे मिलना है वो मिल लें, इसीलिए इन्हें मिलवाने के लिए ले जा रहा हूं। आप कहो तो अस्पताल से बात करवा दूं। युवक भावुक हुआ तो पुलिस ने उन्हें जाने दिया। 


108 एंबुलेंस का मैकेनिक हूं, गाड़ी ठीक करने जा रहा हूं
राजेंद्र सोलंकी नाम का एक व्यक्ति कार लेकर शास्त्री नगर थाने के बाहर से गुजरा तो पुलिस ने गाड़ी रोक कर पूछा कहा जा रहे हो? उसने कहा कि मैं 108 एंबुलेंस का मैकेनिक हूं। इस पर पुलिस ने कागज मांगे तो उसने कंपनी के रागिन जैन काे बुलाया। उसने बताया कि 108 के मैकेनिक की केवल एक गाड़ी है, जिसकी स्वीकृति है और वो उसके पास है। इस पर पुलिस ने कहा कि इस तरह के नंबर की ओर भी गाड़ियां घूम रही हैं।


मैडम को अस्पताल लेने जा रहा हूं


स्कूटी लेकर जा रहे एक युवक को पुलिस ने रोक लिया, वो गाड़ी छोड़ने की रिक्वेस्ट करने लगा। पुलिस ने पूछा कहां जा रहे हो तो उसने कहा कि मेरी पत्नी प्रेक्षा हॉस्पिटल में काम करती है, उसे लेने जा रहा हूं। पुलिस ने कहा कि हैलमेट कहां हैं? उसने कहा वो तो नहीं है, जाने दो। पुलिस ने कहा- परमिशन कहां है? उसने कहा वो भी नहीं हैं। मैडम इंतजार कर रही है, प्लीज जाने दो।